अंतस के उद्गार

@ शान्ति मन्त्रः- @"ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षम् शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः। वनस्पतयः शान्तिर्विश्वे देवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वम् शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि।।ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।"

श्वान मित्र संजय

श्वान मित्र संजय.

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चलते-चलते

भारतीयों की एक खासियत लगभग सब जगह देखी जाती है। कोई अगर मोटर साइकल चलाते वक्त उसकी हेडलाइट बुझाना भूल गया हो या स्टेण्ड टांगना भूल गया हो तो सामने से आने वाले मोटरसाईकिल सवार की ये भरपूर कोशिश होती है कि उसे बता दीया जाए कि उसकी हेडलाइट जली हुई है या स्टेण्ड लगा हुआ है।
इनके इशारे भी अलग अलग होते हैं। हेडलाइट के लिए हाथ से चस-बुझ का तरीका अपनाया जाता है। जैसे तारा टिमटिमाता है उसी तरह हाथ से इशारे किए जाते हैं।
कुछ लोग अपने वाहन की बत्ती जलाकर और ऊंगली का इशारा करके सामने वाले को बताते हैं। इससे सामने वाला समझ जाता है कि उसके वाहन की बत्ती जली हुई है।
स्टेण्ड के लिए ज्यादातर सामने वाले के नजदीक आने पर ऊंगली का इशारा स्टेण्ड की तरफ करके जोर से आवाज लगाते हैं ‘स्टेण्ड’। ऐसा सुनते ही वो व्यक्ति तुरन्त अपनी टांग को हरकत में लाता है और स्टेण्ड को टांग लेता है।
आपने भी शायद ऐसा किसी को बताया होगा या फिर किसी के बताने पर हेडलाइट बुझाई होगी या स्टेण्ड टांगा होगा…
क्या आपके सामने भी कभी ये परिस्थितियां आई हैं?
– सतवीर वर्मा ‘बिरकाळी’

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