अंतस के उद्गार

@ शान्ति मन्त्रः- @"ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षम् शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः। वनस्पतयः शान्तिर्विश्वे देवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वम् शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि।।ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।"

गौसेवक

“अरे ममता, चार-पांच रोटीयां ज्यादा बनाना| दुकान जाते-जाते गौशाला में गायों को खिलाता जाऊंगा|” राकेश नें नहाने के बाद सिर पोंछते हुए अपनी पत्नी से कहा|

राकेश और उसका ममेरा भाई दुकान जाते समय गौशाला में गायों को बड़े प्रेम से खाना खिलाते हैं| गौशाला के कर्मचारियों के अनुसार राकेश और रामदेव सच्चे गौसेवक हैं जो गायों को नियमित खाना खिलाते हैं| गौशाला को चंदा भी देते हैं|

दुकान पर राकेश और रामदेव बैठे बातें कर रहे थे, तभी एक प्यासी गाय आयी और दुकान के बाहर हाथ धोने के लिए रखा पानी पीने लगी| राकेश नें ये देखते ही तुरन्त रामदेव को इशारा किया| रामदेव नें इशारा समझकर कोने में रखा डण्डा उठाया और तड़ातड़ तीन चार डण्डे गाय की पीठ पर जमा दिए|

गाय इस अचानक हुए हमले से घबराकर भाग गयी| राकेश और रामदेव के चेहरे पर इत्मिनान के भाव थे……|
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– सतवीर वर्मा ‘बिरकाळी’

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